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राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन व राजस्थान टूरिज्म ने JNU नई दिल्ली में राजस्थान स्थापना दिवस समारोह का किया आयोजन

नई दिल्ली, भारत – 5 अप्रैल, 2025 –

राजस्थान स्थापना दिवस के अवसर पर, राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन ने आई.एच.ए., जेएनयू (दिल्ली) की सांस्कृतिक समिति के सहयोग से 2 अप्रैल, 2025 को शाम 4:30 बजे ऑडिटोरियम 1, कन्वेंशन सेंटर, जेएनयू (दिल्ली) में एक भव्य “राजस्थान सांस्कृतिक कार्यक्रम” का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में निम्नलिखित लोगों को आमंत्रित किया गया था I वे थे:

  • श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री
  • प्रो. शांति कुमारी धुलीपुडी पंडित, कुलपति, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)
  • श्री. जोगेश्वर गर्ग, कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार
  • महंत श्री प्रताप पुरी महाराज, राजस्थान विधान सभा के सदस्य, आध्यात्मिक गुरु, मठाधीश – तारातरा मठ, बाड़मेर
  • राजवीर सिंह जी, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं वक्ता

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, “जेएनयू इस देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी है। यहाँ राजस्थान के छात्रों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होना हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है। जेएनयू के बुद्धिजीवी छात्र आगे आएं और इस देश का नेतृत्व सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से करें। देश के विकास में जेएनयू के राजस्थानी छात्र समुदाय की भागीदारी होनी जरूरी है। देश से 500 साल का ग्रहण अब हट गया है और देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सोने की चिड़िया बनने की ओर अग्रसर हैI”

समारोह को संबोधित करते हुए पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने कहा, “जेएनयू की धरती सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजा अंगीकार के लिए तैयार है। भगवान राम ने जिस तरह चौदह वर्ष का वनवास बिताया वैसे ही अब जेएनयू भी भाजपा के सुशासन के फलस्वरूप वनवास समाप्त कर राष्ट्र सेवा में संलग्न होगाI”

समारोह में राजवीर सिंह ने कहा, “राजस्थानी भाषा समृद्ध लोक विरासत और संस्कृति की प्रतीक है इसको मान्यता मिलना हमारे लिए शर्मनाक है। इतिहास के उद्धरणों के माध्यम से उन्होंने राजस्थानी भाषा के व्याकरण और शब्द कोश के बारे में विस्तार से बताया। महाराणा सांगा के अपमान विषय पर उन्होंने कहा देश की सबसे बड़े पंचायत में राजस्थान के सूरमाओं का अपमान पूरे देश का अपमान हैI”

इस दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, पोकरण विधायक प्रतापपुरी,डीन ऑफ़ स्टूडेंट मनुराधा चौधर, राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन के संस्थापक ज्ञान सिंह पीलवा, हल्दीराम परिवार के डॉयरेक्टर उमेश अग्रवाल, राजस्थान पर्यटन विभाग से लाल सिंह राठौड़ सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

इस महान उत्सव का उद्देश्य राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के सांस्कृतिक वैभव को उसके नृत्य, संगीत और पौराणिक कथाओं के संदर्भ में सम्मानित करना था। राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन राजस्थान की जीवंत परंपरा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस उत्सव में आकर्षक प्रदर्शन और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम तथा राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाया गया। दर्शकों के लिए राजस्थानी कला, लोक संस्कृति और इसकी स्थायी विरासत की भव्यता को देखने का भरपूर अवसर था।

इस आयोजन के बारे में बात करते हुए राजस्थान प्रवासी फाउंडेशन के एक प्रतिनिधि ने कहा, “यह सांस्कृतिक संध्या केवल एक उत्सव नहीं थी, बल्कि राजस्थान की गहरी परंपराओं को दुनिया से जोड़ने वाला एक माध्यम था। इस विशेष अवसर के लिए प्रतिष्ठित हस्तियों और जीवंत राजस्थानी समुदाय को एक साथ लाना सम्मान की बात थी।” इस कार्यक्रम में तीन प्रसिद्ध कलाकारों ने भाग लिया, जिन्होंने भारतीय लोक संगीत को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है।

प्रसिद्ध लोक गायिका श्री सीमा मिश्रा जी ने राजस्थानी संस्कृति की परंपराओं से ओतप्रोत अपनी प्रस्तुति दी। इसी तरह, एक मांगणियार लोक संगीतकार सादिक खान मिसरी जी ने अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और थार रेगिस्तान की परंपरा के संगीत के साथ अपनी बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया। अंत में, लोगों ने श्री रामू मास्टर के प्रदर्शन का आनंद लिया, जो अपने बेहतरीन गायन और भारतीय लोक संगीत की जड़ों से आधिकारिक जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। उनकी उपस्थिति और प्रदर्शन ने इस अवसर की भावना को बढ़ाया, जिससे यह वास्तव में एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव बन गया। इस कार्यक्रम ने छात्रों और गणमान्य व्यक्तियों सहित लोगों को राजस्थानी संस्कृति से अभिभूत कर दिया। यह मन और परंपराओं का एक दुर्लभ मिलन था।

  • आयोजक प्रवासी फाउंडेशन, राजस्थान टूरिज्म